सावन सोमवार व्रत: विधि, कथा और नियम

भगवान शिव · सावन महीने के सभी सोमवार

सावन का महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय माना जाता है, और इस महीने के सोमवार का व्रत बहुत लोकप्रिय है। सावन में आमतौर पर 4 या 5 सोमवार पड़ते हैं। कई लोग शिवलिंग पर जल चढ़ाकर दिन भर उपवास रखते हैं और घर की खुशहाली या अच्छे जीवनसाथी की कामना करते हैं।

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अगला शुक्ल पक्ष लगभग शुरू: मंगलवार, 10 नवंबर

व्रत विधि

  1. सुबह नहाकर साफ़ कपड़े पहनें और सावन सोमवार का संकल्प लें।
  2. पास के मंदिर या घर पर शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाएँ।
  3. धतूरा, भांग के पत्ते, चंदन और सफ़ेद फूल भी कई लोग चढ़ाते हैं।
  4. 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  5. शाम को दीया जलाकर कथा सुनें और आरती करें।

आम नियम

  • कई लोग फलाहार करते हैं, कुछ लोग शाम को एक बार सात्विक भोजन करते हैं।
  • बहुत से परिवार सावन भर प्याज़, लहसुन और मांसाहार से दूर रहते हैं।
  • शिवलिंग पर हल्दी और तुलसी आमतौर पर नहीं चढ़ाई जाती।
  • कई लोग सोमवार के साथ मंगलवार को मंगला गौरी व्रत भी रखते हैं।

व्रत कथा

जब देवताओं और असुरों ने अमृत के लिए समुद्र मंथन किया, तो सबसे पहले हलाहल नाम का तेज़ विष निकला। उसकी गर्मी सब लोकों में फैलने लगी और कोई उसे सह नहीं पा रहा था। तब सब भगवान शिव के पास गए। करुणा से भरकर शिव जी ने वह विष पी लिया और उसे अपने गले में ही रोक लिया। उनका गला नीला हो गया, इसलिए वे नीलकंठ कहलाए।

विष की गर्मी शांत करने के लिए देवताओं ने उन पर जल चढ़ाया। मान्यता है कि यह सावन के महीने में हुआ। इसीलिए सावन में भक्त शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाते हैं, मानो धन्यवाद कह रहे हों।

सावन माता पार्वती से भी जुड़ा है। उन्होंने शिव जी को पति रूप में पाने के लिए लंबी, धैर्य भरी तपस्या की। उनकी भक्ति से शिव जी प्रसन्न हुए, और यह मिलन इसी महीने याद किया जाता है। कई कुँवारी लड़कियाँ अच्छे जीवनसाथी की कामना से और कई दंपती घर की खुशहाली के लिए सावन सोमवार रखते हैं।

इस तरह सावन के सोमवार में दो भाव हैं: शिव जी के प्रति आभार और पार्वती जी की शांत, अटूट भक्ति।

कथा हमारे अपने शब्दों में, परंपरा से चली आ रही कहानी पर आधारित।

उद्यापन

सावन सोमवार का कोई तय उद्यापन नहीं है। कई परिवार सावन के आख़िरी सोमवार को रुद्राभिषेक कराते हैं या किसी गरीब को भोजन कराकर व्रत पूरा करते हैं। कुछ लोग इसे हर साल दोहराते हैं।

सवाल-जवाब

सावन में कितने सोमवार होते हैं?
आमतौर पर 4 या 5, यह साल पर निर्भर करता है। उत्तर भारत (पूर्णिमांत) और दक्षिण-पश्चिम भारत (अमांत) में सावन की तारीख़ें थोड़ी अलग होती हैं, इसलिए अपने इलाक़े का पंचांग देख लें।
सावन सोमवार में क्या खा सकते हैं?
कई लोग फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े का आटा और सेंधा नमक लेते हैं। कुछ लोग शाम को एक बार सादा भोजन करते हैं। अपनी सेहत के अनुसार चुनें।
गिनती हम रखेंगे: कितने हुए, अगली तारीख, उद्यापन का दिन। मुफ़्त।अपनी गिनती शुरू करें →

यह जानकारी अभी पंडित जी की समीक्षा में है। परंपराएँ परिवार और क्षेत्र के हिसाब से अलग होती हैं।