शनिवार व्रत: विधि, कथा और नियम

शनि देव · हर शनिवार

शनिवार व्रत शनि देव को समर्पित है, जिन्हें न्याय और कर्म का देवता माना जाता है। बहुत से लोग इसे 19 या 51 शनिवार के संकल्प के साथ रखते हैं। लोग इसे धैर्य, मेहनत का अच्छा फल और जीवन में स्थिरता की कामना से रखते हैं।

गिनती हम रखेंगे: कितने हुए, अगली तारीख, उद्यापन का दिन। मुफ़्त।अपनी गिनती शुरू करें →

🗓 आने वाली तारीखें (दिल्ली)

  • शनिवार, 7 नवंबर 2026
  • शनिवार, 14 नवंबर 2026
  • शनिवार, 21 नवंबर 2026
  • शनिवार, 28 नवंबर 2026
  • शनिवार, 5 दिसंबर 2026
  • शनिवार, 12 दिसंबर 2026
  • शनिवार, 19 दिसंबर 2026
  • शनिवार, 26 दिसंबर 2026

अगला शुक्ल पक्ष लगभग शुरू: मंगलवार, 10 नवंबर

व्रत विधि

  1. सुबह नहाकर काले या नीले कपड़े पहनें और संकल्प लें।
  2. शनि देव को तिल का तेल, काले तिल, उड़द और नीले फूल चढ़ाएँ।
  3. शाम को पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीया जलाएँ।
  4. शनि चालीसा या शनि व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
  5. गरीबों को काले तिल, उड़द, तेल या कंबल का दान करें।

आम नियम

  • कई लोग दिन में एक बार, सूरज ढलने के बाद भोजन करते हैं।
  • भोजन में अक्सर उड़द की दाल या काले तिल से बनी चीज़ रखी जाती है।
  • मेहनत करने वालों, बुज़ुर्गों और गरीबों की मदद को इस व्रत का अहम हिस्सा माना जाता है।

व्रत कथा

एक बार राजा विक्रमादित्य की सभा में नौ ग्रहों के बीच बात चली कि उनमें सबसे बड़ा कौन है। राजा ने अलग-अलग धातुओं के नौ आसन एक कतार में रखवाए, और शनि देव का लोहे का आसन सबसे आख़िर में आया। शनि देव ने शांति से कहा कि समय आने पर राजा उनकी जगह को समझेंगे।

आगे के सालों में राजा के जीवन में एक के बाद एक मुश्किलें आईं। एक घोड़ा उन्हें दूर अनजान देश ले गया। एक सेठ के घर से हार ग़ायब हुआ और राजा पर ग़लत इल्ज़ाम लगा। उनका राजसी जीवन छिन गया और वे एक तेली के कोल्हू पर सादगी से काम करने लगे। इस सब में भी वे धैर्यवान और सच्चे बने रहे।

एक शाम उन्होंने इतना सुंदर राग दीपक गाया कि नगर के दीये जल उठे, और वहाँ की राजकुमारी ने उन्हें पति चुन लिया। फिर शनि देव प्रकट हुए। शनि देव ने राजा का सब कुछ लौटा दिया। राजा ने बस इतना माँगा कि किसी और को ऐसी कठिनाई न झेलनी पड़े। शनि देव ने कहा कि जो शनिवार को श्रद्धा से उन्हें याद करेगा, उसे उनकी कृपा मिलेगी।

कई परिवार यह कथा धैर्य और ईमानदारी की याद के लिए सुनाते हैं।

कथा हमारे अपने शब्दों में, परंपरा से चली आ रही कहानी पर आधारित।

उद्यापन

संकल्प पूरा होने पर आख़िरी शनिवार को कई परिवार उद्यापन करते हैं। शनि देव की पूजा, छोटा हवन, और गरीबों को भोजन, काले तिल, उड़द, तेल या कपड़ों का दान आम है।

सवाल-जवाब

शनिवार व्रत कितने रखे जाते हैं?
बहुत से लोग 19 या 51 शनिवार का संकल्प लेते हैं। कुछ लोग इसे नियमित रूप से रखते रहते हैं। परिवारों की परंपराएँ अलग हैं, आप अपने हिसाब से चुनें।
यात्रा या बीमारी में शनिवार छूट जाए तो?
कई परिवार बस अगले शनिवार से जारी रखते हैं। पहले की गिनती बनी रहती है। उस दिन किसी गरीब की थोड़ी मदद कर देना भी कई लोगों को अच्छा लगता है।
गिनती हम रखेंगे: कितने हुए, अगली तारीख, उद्यापन का दिन। मुफ़्त।अपनी गिनती शुरू करें →

यह जानकारी अभी पंडित जी की समीक्षा में है। परंपराएँ परिवार और क्षेत्र के हिसाब से अलग होती हैं।